बॉलीवुड की top 10 प्रेरणादायक फिल्मे

फिल्म जगत में कई सारे फिल्म आती रहती हैं।मनोरंजन या टाइम पास के लिए फिल्म देखने के साथ साथ फिल्म जगत  में अच्छी फिल्म भी आती रहती तो उस में से कुछ प्रेरणादायक फिल्म एसी भी होती हैं जिसे हम उस फिल्म से अच्छी सीख या उससे हम मोटिवेट हो सकते हैं और जीवन में कुछ करने के लिए प्रेरणा भी ले सकते हैं।हम इस लेख में बॉलीवुड के कुछ प्रेरणादायक फिल्मे के बारे में बात करेंगे।इस में बताए गए फिल्म देखने के बाद आप सकारात्मक महसूस करेंगे।


1. लगान - Lagaan

ये फिल्म 2001 में रिलीज हुई थी।इस फिल्म में आमिरखान ने अभिनय किया हैं।इस फिल्म का निर्देशन आशुतोष गोवारिकर ने किया है।जब हमारा देश गुलाम था,तब सभी को लगान देना पडता था।इस फिल्म में ग्रामीण लोगों को ब्रिटिश सरकार के लगान से कैसे मुक्त करते हैं इसके बारे में बताया गया हैं।इसमें आमिर खान द्वारा किए गए प्रयास काफी प्रशंसनीय थे।

ब्रिटिश सरकार के लगान को कम करने के लिए जब किसान उसके पास जाते हैं तब उसके अफसर गांव वालों के सामने एक प्रस्ताव रखते हैं।क्रिकेट के खेल में गांव वालों उनके खिलाफ क्रिकेट का खेल खेलकर उन्हें पराजित कर देते है तो लगान माफ।उस समय भारत में क्रिकेट का खेल प्रचलित नहीं था और नाहीं उसके बारे में जानकारी थी।फिर भी कैसे गांव वालों ने प्रस्ताव का स्वीकार करके कई चुनौतियां का सामना करने के बाद खेल में उनको पराजित कैसे किया और क्रिकेट का खेल जीतकर लोगों को कैसे लगान से मुक्त करवाया इसके बारे में फिल्में बताया गया हैं।ये फिल्म काफी हिट भी हुई है और इस फिल्म को कई पुरस्कार भी मिले हैं।

2. 3 - इडियट्स - 3 - idiots

ये फिल्म काफी कमाल की हैं और सबसे प्रेरणादायक फिल्म में से एक हैं।ये फिल्म 2009 में रिलीज हुई थी।इस फिल्म का निर्देशन राजकुमार हिरानी ने किया हैं।इस फिल्म में आमिरखान ने काफी अच्छा अभिनय किया हैं।इस फिल्म में आमिरखान के साथ आर.माधवन,शरमन जोशी,करीना कपूर, बोमन इरानी और ओमी वैद्या ने अभिनय हैं।

इस फिल्म में अपने करियर के बारे में बताया गया हैं।हमे अपना करियर अपने मनपसंद क्षेत्र में बनाना चाहिए और उस क्षेत्र में मेहनत करके अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहिए।अपने जीवन में समस्या आए तो उसके केसे दूर करे और इसमें बताया गया बेस्ट डायलॉग "आल इज वेल "समस्या का सामना करने का साहस देता हैं।इस में से हमे ये सिख मिलती हैं की हमें अपनी अंदर छुपी हुई प्रतिभा को पहचान कर अपना करियर चुनना चाहिए नाकी किसी दवाब में आकर अपने करियर को चुनना चाहिए ।

3. जो जीता वही सिकंदर - jo jita wohi Sikandar

ये फिल्म 1994 में रिलीज हुई हैं।ये फिल्म का निर्देशन मसूर खान ने किया हैं।फिल्म में आमिर खान,आयशा जुल्का,दीपक तिजोरी,पूजा बेदी,मामिक सिंह और कुलभूषण खरबंदा हैं।इसने सर्वश्रेष्ठ फिल्म सहित दो फिल्मफेयर पुरस्कार जीते थे।

ये फिल्म स्पोर्ट्स बॉलीवुड ड्रामा कहानी हैं।ये फिल्म देहरादून, भारत में स्थापित हैं।कहानी मुख्य रूप से एक वार्षिक मेरोथोन साइकिल दौड हैं।ये खेल शहर में सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण माना जाता है।इस खेल में सभी कॉलेज भाग लेते  हैं।कहानी संजू नाम के लडके के इर्द-गिर्द घूमती है,जो एक मध्यम वर्गीय युवक है।इस कहानी में संजू(आमिर खान)  रतन का छोटा भाई है और रतन जैसा जिम्मेदार नहीं है।वह एक लापरवाह नौजवान है।उनके पिता अपने बेटे को प्रतियोगिता के लिए तैयार करते है।यह देखते हुए,संजू एक जिम्मेदार दोस्त, भाई, बेटे और एथलीट के रूप में बदल जाता है और अपने भाई रतन को गौरव दिलाने के लिए साइकिल की दौड में मेहनत करके हिस्सा लेता है और राजपूत साइकिल की दौड को जीतकर अपने पिता,भाई,दोस्त और पूरे शहर के दिल में छा जाता है।ये फिल्म काफी लोकप्रिय भी रहीं हैं और अब भी युवाओं के लिए लोकप्रिय हैं।इस फिल्म का संगीत "पहला नशा"काफी पसंद किया गया हैं।

4. चक दे! इंडिया - chak de! India

ये फिल्म 2007 में रिलीज हुई थी।इस फिल्म का निर्देशन शिमित अमीन ने किया हैं।ये फिल्म भारत के एक हॉकी खिलाडी मीर रंजन नेगी के जीवन पर आधारित हैं।फिल्म में रंजन नेगी की भूमिका शाहरुख खान ने निभायी हैं।

मीर रंजन नेगी भारतीय हॉकी टीम का गोलकीपर था।जब भारत का पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मैच था तब मैच में अंतिम क्षणों में पेनल्टी स्ट्रोक के जरिए वे गोल बनाने से चूक गया था और उसको कई आलोचना का सामना करना पडा था।मुस्लिम होने के कारण उसकी देश भक्ति पर सवाल उठाये गए थे।सात वर्ष बाद वह भारतीय महिला हॉकी टीम का कोच बनने का मौका मिलता हैं और इस टीम को विश्व चैंपियन बनाकर अपने ऊपर लगे दागों को साफ करता हैं।ये फिल्म हमे ये सीखाती है की किसी भी काम में प्रेक्टिस का कितना महत्व हैं और इसके साथ टीम वर्क में काम करने की प्रेरणा देती हैं।

5. भाग मिल्खा भाग - Bhaag Milkha bhaag

ये फिल्म 2013 में रिलीज हुई थी।इस फिल्म का निर्देशन राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने किया हैं।ये फिल्म धावक मिल्खा सिंह के जीवन पर आधारित हैं।इस फिल्म में मिल्खा सिंह की भूमिका फरहान अख्तर ने निभाई हैं।मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख के नाम से जाना जाता था।

मिल्खा सिंह के जीवन में कई सारे उतार-चढाव आए उसके बारे में बताया गया है।मिल्खा सिंह का बचपन दर्द और वेदना से भरा हुआ था।मिल्खा सिंह 1947 के पहले भारत के उस हिस्से में रहते थे जो अब पाकिस्तान में है।वर्ष 1947 में जब भारत-पाकिस्तान का विभाजन हुआ था तब चारों और आतंक मचा हुआ था।मिल्खा और उनकी बहन को छोड परिवार के सारे लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया।वे अपनी बहन के साथ रहते थे।मिल्खा सिंह बडे होने के बाद भारतीय सेना में भर्ती हो जाते हैं।वे सेना में धावक के रूप में मशहूर हो जाते हैं।अपने लक्ष्य को पाने के लिए कैसे मिल्खा दिन रात एक करके संघर्ष का सामना करता है और रेस में अव्वल आकर अपने देश का नाम रोशन करता हैं उसके बारे में बताया गया हैं।मिल्खा सिंह के किरदार को फरहान अख्तर ने बखूबी निभाया हैं।

6. तारे जमीन पर - Taare Zameen par

ये फिल्म 2007 में रिलीज हुई थी।इसका निर्देशन आमिरखान ने किया हैं।ये फिल्म आठ साल के ईशान दर्शील सफारी की कहानी पर आधारित हैं।

आठ साल के ईशान दर्शील सफारी dyslexic reading disorder से पीडित होता है।उसका मन पढाई में नहीं लगता बल्की,उनका मन चित्र बनाने में लगता हैं।चित्र बनाने में उनकी क्रिएटिविटी शानदार होती हैं।वह उनकी मस्ती में ही रहता हैं।वह पढाई में ध्यान नहीं देता हैं इसलिए पढने के लिए उनके पिता उन्हें बोर्डिंग स्कूल में भेज देते हैं।स्कूल में उनकी पहचान नए आर्ट शिक्षक के होती हैं और उनको आगे बढने के लिए काफी मदद करते हैं जिससे उस बच्चे की जिंदगी बदल जाती हैं।इस फिल्म से हमें ये सिख मिलती हैं की बच्चे को खुद सीखने और विकास करने देना चाहिए।बच्चे हर क्षेत्र में अव्वल नही आते हैं इसलिए उसके ऊपर किसी प्रकार का दबाव नहीं डालना चाहिए उसको अपने टेलेंट और दम पर आगे बढने देना चाहिए।

7. मांझी: द माउंटेन मेन - Manjhi:the mountain man

ये फिल्म 2015 में रिलीज हुई थी।इस फिल्म का निर्देशन केतन मेहता ने किया हैं।ये फिल्म एक गरीब व्यक्ति दशरथ मांझी के जीवन पर बनी हुई हैं।फिल्म में दशरथ मांझी की भूमिका  नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने निभाई हैं।

दशरथ मांझी एक चट्टानी पर्वत श्रृंखला द्वारा दुनिया से कटे हुए एक दूरदराज के गांव में रहता है।वह अपनी पत्नी फागुनीया से अधिक प्यार करता है।एक दिन उनकी पत्नी खाने के समान लाने के लिए पहाड पर चढने के दौरान,उसकी पत्नी फिसल कर मर जाती है।उसके पश्चात दशरथ मांझी बेहद दुखी हो जाते हैं।एसी घटना किसी और के साथ न हो इसलिए दशरथ मांझी पहाड के बीच से एक रास्ता निकालने का फैसला करता हैं।एक हथौडा ओर छेनी लेकर पहाड को तोड के उसके बीच रास्ता निकालने के लिए एक मिशन पर निकल जाता हैं और ये मिशन 22 साल तक चलता हैं।आखिरकार अपने पागलपन और अपने लक्ष्य के प्रति जिद्दी बनकर एक पहाड के बीच रास्ता निकाल दिया।इस फिल्म से हमे ये सिख मिलती हैं की इस दुनिया कुछ भी नामुमकिन नहीं हैं बस उसे मुमकिन करने के लिए दशरथ मांझी जैसा हौसला और एक पागलपन होना चाहिए।

8. लक्ष्य - Lakshya

ये फिल्म 2004 में रिलीज हुई थी।इस फिल्म का निर्देशन फरहान अख्तर ने किया हैं।इस फिल्म में रितिक रोशन,प्रीति जिंटा और अमिताभ बच्चन ने अभिनय किया हैं।

लेफ्टिनेंट करण शेरगिल (बाद में कार्यवाहक कप्तान) की भूमिका रितिक रोशन ने निभाई है, जो अपनी टीम का नेतृत्व कर आतंकवादियों पर जीत पाते हैं।यह 1999 के कारगिल युद्ध के संघर्ष की ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित एक काल्पनिक कहानी है।

9.आई एम कलाम - I am kalam

ये फिल्म 2011 में रिलीज हुई थी।इस फिल्म का निर्देशन नील माधव पंडा ने किया हैं।फिल्म में एक गरीब राजस्थानी लडके छोटू के जीवन की कहानी पर आधारित हैं।इस फिल्म में हर्ष मायर,गुलशन ग्रोवर,पीतोबाश त्रिपाठी और बीट्रिस ऑर्डेइक्स ने अभिनय किया हैं।

छोटू राजस्थान का रहने वाला एक बुद्धिमान लडका हैं।वह एक गरीब परिवार में पैदा हुआ।वे एक सडक किनारे किसी स्टॉल में काम करता हैं।उसकी मां उसे कहती है की बेटा स्कूल हमारे भाग्य में नहीं हैं।एक दिन छोटू टेलीविजन पर भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को देखता है और उनसे काफी प्रेरित हो जाता हैं।छोटू अपना नाम बदलकर कलाम रख लेता हैं।वह ये निश्चय करता है कि वह एक ऐसा व्यक्ति बनेगा जो टाई पहनता है और जिसका दूसरों के द्वारा सम्मान किया जाता है।छोटू दिन भर बाल मजदूरी करने के बाद शाम को किताबों के साथ वक्त गुजार कर छोटू अपनी पढाई पूरी करने की कोशिश करता है।

10. गुरु - Guru

ये फिल्म 2007 में रिलीज हुई थी।इस फिल्म का निर्देशन मणिरत्नम ने किया हैं।ये फिल्म धीरूभाई अंबानी के जीवन पर आधारित हैं।इस फिल्म में अभिषेक बच्चन,ऐश्वर्या राय, मिथुन चक्रवर्ती,विद्या बालन और माधवन ने अभिनय किया हैं।फिल्म में धीरूभाई अंबानी ने पकौडी बेचने से लेकर करियर की शुरुआत करके कैसे रिलायंस कंपनी तक का सफर किया उसके बारे में बताया हैं।ये फिल्म की कहानी दर्शको को मोटिवेट करती हैं।

इसमें बताई गई बॉलीवुड की टॉप 10 प्रेरणादायक फिल्म के बारे में जानकारी आपको अच्छी लगी होगी।इस लेख में कुछ भूल हुई हो तो हमे बता सकते हों।हमारा लेख पढने के लिए धन्यवाद!

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